Sujit Sinha Funeral: झारखंड के कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा का बुधवार को पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र स्थित कररबार नदी तट पर अंतिम संस्कार किया गया. उसके बेटे अक्षत कुमार सिन्हा ने पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पत्नी रिया सिन्हा को अदालत से एक दिन की पैरोल मिली थी. कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उन्हें चाईबासा जेल से हुसैनाबाद लाया गया.
मंगलवार को सुजीत सिन्हा का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंच गया था, लेकिन पत्नी और बेटे के मौजूद नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार टाल दिया गया था. बुधवार को दोनों के पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी की गईं.
पति के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोईं रिया
पुलिस वाहन से उतरते ही रिया सिन्हा सीधे अपने पति के पार्थिव शरीर के पास पहुंचीं. शव को देखते ही वह भावुक हो गईं और उससे लिपटकर रोने लगीं. वहीं बेटे अक्षत कुमार सिन्हा भी अपने पिता के अंतिम दर्शन के दौरान खुद को संभाल नहीं सके और बिलख पड़े.
सुबह से ही पथरा गांव में अंतिम दर्शन के लिए रिश्तेदारों, ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते रहे. भीड़ को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल की तैनाती की गई थी.
पंचायत मुखिया ने दी अंतिम संस्कार की जानकारी
पथरा पंचायत के मुखिया नरेश पासवान ने बताया कि कररबार नदी के तट पर पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया.
बता दें कि साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाए जाने के दौरान जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में सुजीत सिन्हा की मौत हो गई थी. पुलिस का दावा है कि वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी. जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.
कई जिलों में दर्ज थे गंभीर आपराधिक मामले
सुजीत सिन्हा के खिलाफ पलामू, लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, रांची और धनबाद समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे. केवल पलामू जिले में वर्ष 2005 के बाद उसके खिलाफ हत्या और रंगदारी के 40 से अधिक मामले दर्ज हुए थे.
हालांकि वर्ष 2023-24 के दौरान वह 15 से अधिक मामलों में अदालत से बरी भी हो चुका था. उसकी पत्नी रिया सिन्हा के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं.