Jharkhand News: झारखंड सरकार ने रांची जिले के बुढ़मू अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी गिरफ्तारी के बाद की गई है. वहीं, पलामू के अपर समाहर्ता कुंदन कुमार के खिलाफ लंबित विभागीय कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.
रिश्वत मामले में सीओ सच्चिदानंद वर्मा निलंबित
सच्चिदानंद कुमार वर्मा को 10 जुलाई 2026 से प्रभावी अगले आदेश तक निलंबित किया गया है. यह निर्णय झारखंड सरकारी सेवक नियमावली के तहत लिया गया है. उन पर जमीन के म्यूटेशन के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है. एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें गिरफ्तार किया था.
निलंबन अवधि में सच्चिदानंद कुमार वर्मा को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. हिरासत से रिहा होने के बाद उन्हें कार्मिक विभाग में योगदान देना होगा.
2010 के मामले में मिला निर्णय
दूसरे मामले में कुंदन कुमार के खिलाफ लंबित विभागीय कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. यह मामला 2010 का है, जब उन पर सरकारी योजनाओं में अनियमितता, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के आरोप लगे थे. वर्ष 2024 में उनके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी गई थी, लेकिन बाद में अदालत के फैसले के बाद विभागीय मामला बंद करने का निर्णय लिया गया.
आधिकारिक आदेश जारी
दोनों मामलों में कार्मिक विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं. पहले मामले में कार्रवाई एसीबी की गिरफ्तारी के बाद की गई है, जबकि दूसरे मामले में विभागीय प्रक्रिया अदालत के फैसले और सक्षम स्तर की स्वीकृति के बाद समाप्त की गई है.
यह दोनों मामले प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाए गए हैं. झारखंड सरकार ने एक ओर भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया और विभागीय समीक्षा के बाद एक पुराने मामले में विभागीय कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया है.