Ranchi News : JSSC-CGL परीक्षा मामले की जांच कर रही CID ने गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अभय तिवारी को जांच का प्रमुख किरदार बताया है। एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी ने पिछले 13 वर्षों में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं। अब CID यह जांच कर रही है कि इन परीक्षाओं में उसकी भूमिका क्या रही और कहीं किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।
CID के मुताबिक, अभय तिवारी ने पुलिस अवर निरीक्षक, भारतीय नौसेना, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), IRB कांस्टेबल, CRPF हेड कांस्टेबल, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL), JSSC PGT, JSSC CGL तथा JPSC की ACF, FRO, FSO और संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा सहित कुल 12 प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की थीं।
भाई और पत्नी की नियुक्तियों की भी जांच, टेंडर प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की पड़ताल
CID के अनुसार, अभय तिवारी वर्तमान में गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) के पद पर कार्यरत था। इससे पहले वह TDPL कंपनी में प्रबंधक के रूप में कार्य कर चुका था।
जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि अभय तिवारी के भाई को JSSC CGL के माध्यम से झारखंड सरकार में नौकरी मिली, जबकि उसकी पत्नी की नियुक्ति भी इसी परीक्षा के जरिए हुई। इसके अलावा, यह तथ्य भी जांच के दायरे में है कि जब JSSC ने परीक्षा आयोजित करने के लिए एजेंसी चयन हेतु टेंडर जारी किया था, तब TDPL कंपनी ने भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था, जहां अभय तिवारी पहले कार्यरत था।
CID ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर रही है।