Sujit Sinha Encounter: जामताड़ा में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा केवल एक हिस्ट्रीशीटर नहीं, बल्कि झारखंड में संगठित अपराध का एक बड़ा चेहरा बन चुका था. साहिबगंज से धनबाद जेल शिफ्टिंग के दौरान भागने की कोशिश में ढेर हुए सुजीत का आपराधिक नेटवर्क राज्य के एक-दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक जिलों में फैला हुआ था. मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के रेडमा का रहने वाला सुजीत सिन्हा लंबे समय से जेल में बंद रहने के बावजूद वहीं से अपने खौफनाक सिंडिकेट का संचालन कर रहा था.
60 से अधिक गंभीर मुकदमे, पलामू में ही दर्ज थे 20 से ज्यादा मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा के खिलाफ रांची, हजारीबाग, लातेहार, चतरा, रामगढ़ और पलामू समेत विभिन्न जिलों के थानों में 60 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे. अकेले पलामू जिले में ही उसके ऊपर रंगदारी, हत्या, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध के 20 से ज्यादा केस दर्ज थे. हालांकि हाल के वर्षों में वह कुछ मामलों में अदालत से बरी भी हुआ था, लेकिन कई अति-संवेदनशील मामले विचाराधीन थे. पलामू और मेदिनीनगर केंद्रीय कारा प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर जेल आईजी ने सुरक्षा कारणों से 9 अक्टूबर 2025 को उसे साहिबगंज मंडल कारा स्थानांतरित किया था.
जेल से चलाता था नेटवर्क, बिल्डर्स और कोयला कारोबारी थे मुख्य निशाना
सुजीत सिन्हा पलामू, गुमला और जमशेदपुर की घाघीडीह जेल में लंबे समय तक बंद रहा, लेकिन सलाखें भी उसके नेटवर्क को तोड़ने में नाकाम रहीं. सूत्रों की माने तो वह जेल के अंदर से ही अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी वसूली, फायरिंग और हत्या का नेटवर्क चलाता था. उसके गिरोह का मुख्य निशाना निर्माण क्षेत्र से जुड़े बिल्डर्स, कोयला व्यवसायी और स्थानीय बड़े व्यापारी होते थे. मांगी गई रंगदारी न देने पर वह सीधे अपने शूटर्स से गोलीबारी करवाता था.
पत्नी रिया संभालती थी कमान, विदेश में बैठे प्रिंस खान गिरोह से था गठजोड़
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ था कि सुजीत के जेल में रहने के दौरान उसके गिरोह की कमान उसकी पत्नी रिया सिन्हा और अन्य नजदीकी सहयोगी संभाल रहे थे. इतना ही नहीं, हाल के वर्षों में कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा ने विदेश में छिपे प्रिंस खान गिरोह के साथ भी हाथ मिला लिया था. वह प्रिंस खान के गिरोह के साथ मिलकर अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और रंगदारी वसूलने का बड़ा सिंडिकेट चला रहा था.