Ranchi University Fellowship: रांची विश्वविद्यालय में शनिवार को नेशनल केमिस्ट्री डे मनाया गया. आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने की. इस मौके पर उन्होंने भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे को श्रद्धांजलि दी और घोषणा की कि विश्वविद्यालय हर साल उनके नाम पर चार रिसर्च फेलोशिप देगा.
आचार्य पी.सी. रे को दी गई श्रद्धांजलि
आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे की जयंती हर साल 2 अगस्त को मनाई जाती है. इस बार 2 अगस्त रविवार होने के कारण कार्यक्रम 1 अगस्त को आयोजित किया गया. इस वर्ष कार्यक्रम की थीम "इको अल्केमिया-2026" रखी गई.
रसायन विज्ञान के महत्व पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के डीन प्रो. राम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा है. इसका उपयोग पर्यावरण की रक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने में किया जा सकता है.
उन्होंने यह भी बताया कि 1 अगस्त 1774 को ऑक्सीजन की खोज हुई थी, इसलिए यह दिन विज्ञान के लिए भी खास माना जाता है.
रोजगार और शोध पर दिया गया जोर
बीआईटी मेसरा के प्रो. सुमित मिश्रा ने कहा कि रसायन विज्ञान को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना चाहिए. इसे उद्योग और नई तकनीकों से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं. कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी शोध, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया.
न्यूज लेटर जारी, छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस मौके पर विश्वविद्यालय का न्यूज लेटर “पर्सपेक्टिव” जारी किया गया. आचार्य पी.सी. रे के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई. कार्यक्रम के अंत में फाइन आर्ट्स विभाग के छात्रों ने “अणु टू एटम” नामक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें भारतीय वैज्ञानिक परंपरा को आकर्षक ढंग से दिखाया गया.