Koderma: कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड स्थित पचखेरो जलाशय योजना में मत्स्य पालन कर रही विस्थापित समितियों ने जलाशय से अवैध रूप से मछलियां निकालने और रंगदारी वसूली का आरोप लगाया है। इस संबंध में शुक्रवार को मरकच्चो थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। समितियों का दावा है कि इस घटना से उन्हें करीब 20 से 25 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
2031 तक मत्स्य पालन का मिला है अधिकार
जानकारी के अनुसार, जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा वर्ष 2021 से मार्च 2031 तक पचखेरो जलाशय में मत्स्य पालन और मत्स्य बीज विपणन का अधिकार चार विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समितियों को दिया गया है। इनमें लक्ष्मी विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड, वर्मा विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड, कुशवाहा विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड और अर्कोशा पुनर्वास मरकच्चो शामिल हैं।
जलाशय में घुसकर मछली निकालने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि कुछ लोगों ने बिना अनुमति जलाशय में प्रवेश कर बड़ी मात्रा में मछलियां पकड़ लीं और उन्हें बेच दिया। आरोप जिन लोगों पर लगाया गया है, उनमें सीताराम पासवान, विकास पासवान, शत्रुघ्न साहनी, रंजीत साहनी, जयराम साहनी, कुंदन साहनी, श्यामसुंदर राणा सहित अन्य शामिल हैं। समितियों का कहना है कि जलाशय में मत्स्य बीज डालने, उसके संरक्षण और पालन-पोषण पर भारी खर्च किया जाता है। ऐसे में अवैध तरीके से मछलियां निकालने से उन्हें बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
तीनों समितियों के सचिव माहेश्वरी कुशवाहा, कामदेव प्रसाद वर्मा और संजय कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से थाना में आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और जलाशय में इस तरह की गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाने का आग्रह किया है। मरकच्चो थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।