पश्चिमी यूरोप में रिकॉर्ड तापमान ने लोगों को बदलने पर किया मजबूर
इस वर्ष पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों में तापमान 100 डिग्री फ़ारेनहाइट से ऊपर पहुंच गया. लंबे समय तक यूरोप के अधिकांश देशों में यह माना जाता था कि एयर कंडीशनर की जरूरत केवल बेहद गर्म इलाकों में होती है. इसी सोच के चलते यहां के अधिकतर घर और इमारतें प्राकृतिक वेंटिलेशन और ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं. लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी और हालिया हीटवेव ने लोगों को अपनी पुरानी सोच बदलने पर मजबूर कर दिया है. अब लोग गर्मी से राहत के लिए स्थायी उपायों को प्राथमिकता देने लगे हैं.
एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरणों की बिक्री में लगातार हो रही बढ़ोतरी
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यूरोप के कई देशों में एयर कंडीशनर और अन्य शीतलन उपकरणों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में भी इसके जारी रहने की संभावना है. पहले जहां एयर कंडीशनर को अतिरिक्त खर्च माना जाता था, वहीं अब लोग इसे स्वास्थ्य और आरामदायक जीवन के लिए जरूरी सुविधा के रूप में देखने लगे हैं.
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही गर्मी ने बढ़ाई लोगों की चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में गर्मी की तीव्रता और उसकी अवधि दोनों लगातार बढ़ रही हैं. लगातार आने वाली हीटवेव का असर लोगों के स्वास्थ्य, कामकाज और दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है. यही वजह है कि अब अधिक से अधिक परिवार अपने घरों में तापमान नियंत्रित रखने के लिए आधुनिक शीतलन प्रणालियों को अपना रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले समय में भी तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो एयर कंडीशनर की मांग में और तेजी आ सकती है.
अमेरिका की तरह अब यूरोप में भी बदल रही घरेलू सुविधाओं की तस्वीर
कई वर्षों तक यूरोप और अमेरिका की जीवनशैली में सबसे बड़ा अंतर एयर कंडीशनर के इस्तेमाल को लेकर देखा जाता था. अमेरिका में यह लंबे समय से सामान्य घरेलू सुविधा का हिस्सा रहा है, जबकि यूरोप में इसका उपयोग सीमित था. लेकिन बदलते मौसम और लगातार बढ़ती गर्मी के कारण अब यूरोप के लोग भी उन सुविधाओं को अपनाने लगे हैं जिन्हें पहले गैर जरूरी माना जाता था. इसका असर आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की इमारतों में शीतलन प्रणालियों की बढ़ती मांग के रूप में दिखाई दे रहा है.