Potka BDO Vehicle: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड कार्यालय से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के उपयोग में आने वाली सरकारी सूमो करीब 10 वर्षों तक बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के चलती रही. मामला सामने आने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने जांच शुरू कराने के साथ वाहन का तत्काल पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है.
वर्षों तक नहीं हुआ वाहन का पंजीकरण
जानकारी के मुताबिक, यह सरकारी वाहन पिछले करीब 9 से 10 वर्षों से प्रखंड कार्यालय के उपयोग में था, लेकिन इस दौरान उसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया. इस अवधि में कई प्रखंड विकास पदाधिकारी बदले, फिर भी किसी स्तर पर वाहन का पंजीकरण कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई. इससे सरकारी नियमों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
DTO ने जांच के साथ दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी दिलीप कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वाहन का जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश भी दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो.
BDO ने बताई वजह, जांच रिपोर्ट पर नजर
पोटका के BDO अरुण कुमार मुंडा ने बताया कि यह वाहन लंबे समय से कार्यालय में उपयोग हो रहा है और पहले के अधिकारियों के कार्यकाल में इसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था. उनका कहना है कि नए सरकारी वाहन की मांग जिला प्रशासन को भेजी गई है, लेकिन फिलहाल कोई वैकल्पिक वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण जरूरी सरकारी कार्य इसी वाहन से किए जा रहे हैं. फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और अब सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी हुई है.