हर महीने होगी अस्पतालों और योजनाओं की समीक्षा
नई व्यवस्था के तहत विशेष सचिव नियमित रूप से संबंधित जिलों का दौरा करेंगी और अस्पतालों में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगी. इस दौरान मुख्यमंत्री अस्पताल योजना, अबुआ स्वास्थ्य योजना, डायलिसिस सेवा, पीएम-एबीएचआईएम, क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक, चलंत ग्राम क्लीनिक, मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों का आकलन किया जाएगा.
कमियों की होगी पहचान, विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों की व्यवस्थाओं और योजनाओं के संचालन में सामने आने वाली कमियों की पहचान की जाएगी. इसके बाद सुधार संबंधी सुझावों के साथ विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी. संभावित निरीक्षण को देखते हुए अस्पतालों में रिकॉर्ड, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अद्यतन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
नियमित निगरानी से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
नेहा अरोड़ा की पहचान सख्त प्रशासनिक कार्यशैली वाली अधिकारी के रूप में है. उनका पहले भी पूर्वी सिंहभूम से प्रशासनिक जुड़ाव रहा है. वर्ष 2017 में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने पटमदा-बोड़ाम पौधरोपण मामले की जांच की थी. जांच में अभिलेखों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी और संबंधित अधिकारियों तथा संस्था के खिलाफ कार्रवाई हुई थी. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नियमित निगरानी से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और लोगों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा. विभाग के आदेश के बाद मासिक निरीक्षण व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.