Madhya Pradesh UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही मध्य प्रदेश यूसीसी लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन गया. सदन में विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन आखिरकार सरकार ने बहुमत के दम पर इसे पारित करा लिया.
विरोध के बीच विधानसभा से मिला विधेयक को मंजूरी
यूसीसी विधेयक पर चर्चा शुरू होते ही सदन का माहौल गरमा गया. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए नारेबाजी की और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं. हालांकि, विरोध के बावजूद सरकार ने बहुमत के आधार पर विधेयक को विधानसभा से पास करा लिया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कानून राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की दिशा में अहम कदम है. उन्होंने इसे मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक फैसला बताया.
बहुविवाह और लिव-इन संबंधों से जुड़े नए प्रावधान
सरकार के मुताबिक, नए कानून में एक से अधिक विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा होगी और सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी. यूसीसी का उद्देश्य विवाह, परिवार और अन्य नागरिक मामलों में सभी के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है.
विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण भी शामिल किया गया है. सरकार का दावा है कि इससे ऐसे संबंधों में जुड़े लोगों के अधिकार और कानूनी जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी. साथ ही महिलाओं के हितों की सुरक्षा और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी.
मुख्यमंत्री का विपक्ष पर निशाना, चौथा यूसीसी राज्य बना मध्य प्रदेश
विधेयक पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर दोहरे रवैये और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष का रुख जनता देख रही है और समय आने पर उसका जवाब भी देगी.
वहीं, विपक्ष ने सरकार के फैसले का विरोध जारी रखा. विधेयक पारित होने के बाद मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन गया. सरकार ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है, जबकि समाचार लिखे जाने तक विपक्ष अपने विरोध के रुख पर कायम था.