Jamtara News: जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में विशेष टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियारसोल और मटटांड़ तथा जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा-पोसोई के पास छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा। मामले में साइबर थाना कांड संख्या 44/26 दर्ज कर बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट-2023 की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।
कैशबैक के झांसे में उड़ाते थे बैंक खाते की रकम
पुलिस के अनुसार आरोपी फोनपे कैशबैक का लालच देकर लोगों को “Accept” बटन दबाने के लिए कहते थे। जैसे ही पीड़ित अनुरोध स्वीकार करता, उसके खाते से रकम फर्जी ई-वॉलेट में ट्रांसफर हो जाती थी। इसके अलावा आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम नंबर, सीवीवी और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर खातों से अवैध निकासी भी करते थे।
27 मोबाइल, 39 सिम और टैब बरामद, नेटवर्क की जांच जारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 मोबाइल फोन, 39 सिम कार्ड और एक टैब जब्त किया। पुलिस का कहना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। जब्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
वकालत की तैयारी कर रहा युवक भी निकला साइबर गिरोह का सदस्य
गिरफ्तार आरोपियों में अमृत रूईदास पश्चिम बंगाल के कुल्टी का रहने वाला है और अपने ससुराल पोसोई में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक वह वकालत की पढ़ाई की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी दौरान साइबर अपराधियों के संपर्क में आकर ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया। वहीं गिरफ्तार मुजाहिद अंसारी और सलामत अंसारी के खिलाफ पहले से भी साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं और दोनों के विरुद्ध पूर्व में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रेस वार्ता में साइबर डीएसपी अमित रविदास और साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, कैशबैक ऑफर या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।