Jharkhand Railway News: झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाएगी. इसके लिए रेलवे परियोजनाओं के संबंध में भूमि अधिग्रहण के सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority For Land Acquisition - CALA) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इस फैसले से लंबे समय से लंबित परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
इन परियोजनाओं को मिलेगा फायदा
भूमि अधिग्रहण की सुविधा जिन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है, उनमें बर्नपुर - चांडिल चौथी रेल लाइन, चांडिल-गुंडा बिहार रेल ओवर रेल (ROR), आद्रा - सांका - रुकनी रेल लाइन दोहरीकरण, रुकनी - अनारा रेल ओवर रेल, पुरुलिया - गौरीनाथ धाम रेल ओवर रेल और आद्रा - जॉयचंडी पहाड़ रेल परियोजना शामिल हैं. ये सभी परियोजनाएं क्षेत्र में रेल संपर्क और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी आसान
सक्षम प्राधिकारी (CALA) की नियुक्ति से रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत तेजी से पूरा किया जा सकेगा. इससे मुआवजा निर्धारण, भूमि से जुड़े मामलों के निपटारे और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी. इसके परिणामस्वरूप परियोजनाओं के निर्माण कार्य में होने वाली देरी भी कम होगी.
यात्रियों और माल परिवहन को होगा लाभ
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल मार्गों की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा. चौथी रेल लाइन और दोहरीकरण से ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी, जबकि रेल ओवर रेल (ROR) परियोजनाओं से परिचालन अधिक सुरक्षित और बाधारहित बनेगा. इससे यात्रियों के साथ - साथ माल ढुलाई में भी सुधार होगा और क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.
विकास को मिलेगा नया आधार
रेलवे और राज्य सरकार का मानना है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आने से इन परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा. परियोजनाओं के पूरा होने के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा, जिससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ - साथ व्यापार और उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलेगा.