Patna News: पटना के हाथीदह थाना पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की लोन धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बिहार और झारखंड के अलग-अलग इलाकों से पांच ट्रकों का पता लगाया है। इनमें तीन ट्रकों को जब्त कर हाथीदह थाना लाया गया है, जबकि दो ट्रक पहले से दुमका के जामा थाना में अन्य मामले में जब्त हैं, जिन्हें लाने की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्रवाई बैंक की शिकायत पर दर्ज कांड संख्या 45/25 की जांच के दौरान की गई।
2.87 करोड़ के लोन पर मिले छह ट्रक, किश्त नहीं चुकाने पर खुली ठगी की परतें
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में बैंक ऑफ बड़ौदा ने गोपाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बैंक का आरोप है कि गोपाल सिंह के नाम पर छह ट्रकों के लिए करीब 2.87 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कर ट्रक एजेंसी को भुगतान किया गया, लेकिन लोन की किश्तें जमा नहीं हुईं। जांच में सामने आया कि गोपाल सिंह ने पांच ट्रक एजेंसी से बिना रिसीविंग दिए ही ले लिए थे और एक ट्रक लेने के बाद सभी दस्तावेज पूरे करने की बात कही थी, लेकिन वह दोबारा नहीं लौटा।
धनबाद, दुमका और खगड़िया से पांच ट्रक बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ-1 रामकृष्ण के निर्देश पर हाथीदह थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान धनबाद से दो, दुमका (जामा) से दो और खगड़िया से एक ट्रक का पता चला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी गोपाल सिंह ने अग्रिम जमानत ले ली है। अब पुलिस उसकी जमानत रद्द कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
बैंक और ट्रक एजेंसी की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान कई सवाल भी उठ रहे हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि लखीसराय निवासी गोपाल सिंह को हाथीदह शाखा से इतना बड़ा लोन कैसे स्वीकृत हुआ, जबकि सामान्यतः दूसरे जिले के आवेदकों को स्थानीय शाखा से लोन लेने की सलाह दी जाती है। वहीं, बेगूसराय स्थित ट्रक एजेंसी द्वारा बिना रिसीविंग ट्रक सौंपने की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि मामले में बैंक और एजेंसी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।