Indian Economy Growth: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और इसका असर अब लोगों की आय पर भी साफ नजर आने लगा है। एक ताजा रिसर्च के अनुसार, यदि मौजूदा आर्थिक रफ्तार बनी रही तो वर्ष 2031 तक देश के हर पांच में से दो परिवारों की सालाना आय 8 लाख रुपये से अधिक होगी। यह बदलाव भारत में बढ़ती समृद्धि और मजबूत होती अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करता है।
घटेगा कम आय वर्ग, तेजी से बढ़ेगा मध्यम वर्ग
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में 3 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवारों की हिस्सेदारी 42.99 प्रतिशत थी, जो 2026 तक घटकर 34.10 प्रतिशत और 2031 तक 25.86 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि लाखों परिवार कम आय वर्ग से निकलकर मध्यम आय वर्ग में शामिल होंगे। वहीं, 8 से 10 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ने की संभावना है।
10 लाख से ज्यादा कमाने वाले परिवारों की संख्या भी बढ़ेगी
रिसर्च के अनुसार, 10 लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले परिवारों की हिस्सेदारी 2021 के 9.55 प्रतिशत से बढ़कर 2031 तक 16.89 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में भारत में उच्च आय वर्ग का तेजी से विस्तार होगा, जिससे देश की उपभोग क्षमता और आर्थिक मजबूती दोनों बढ़ेंगी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्थिक विकास अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी आय, बचत और निवेश तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में शीर्ष 30 शहरों के बाहर म्यूचुअल फंड निवेश करीब 160 प्रतिशत बढ़ा है, जो छोटे शहरों में बढ़ती वित्तीय जागरूकता का संकेत है।
बढ़ती आय से बढ़ेगी खरीदारी, अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया दम
विशेषज्ञों का मानना है कि आय बढ़ने के साथ लोगों की खरीदारी क्षमता भी मजबूत होगी। इसका असर घर, वाहन, बीमा, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रीमियम उपभोक्ता वस्तुओं की मांग पर दिखाई देगा। यदि रोजगार, उद्योग और निवेश की मौजूदा रफ्तार बनी रही, तो मध्यम वर्ग का विस्तार भारत की उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।