Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल को लेकर नई राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले अनुब्रत मंडल जल्द ही पार्टी से अलग होकर ऋतब्रत बनर्जी के खेमे का रुख कर सकते हैं. हालांकि, इस संबंध में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत
सूत्रों के अनुसार, अनुब्रत मंडल और ऋतब्रत बनर्जी के खेमे के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही है. दावा किया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है और औपचारिक घोषणा जल्द की जा सकती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में विधानसभा की राजनीतिक गतिविधियों के बाद ऋतब्रत गुट के एक विधायक और अनुब्रत मंडल के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी. इसी बातचीत में संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा होने का दावा किया गया है.
बीरभूम की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि ऋतब्रत बनर्जी के खेमे की ओर से अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा गया है. यह भी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है.
बताया जा रहा है कि ऋतब्रत गुट की वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में घोषणा की जा सकती है. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
विधानसभा चुनाव के बाद बढ़ीं दूरियां
अनुब्रत मंडल लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और उन्हें ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है. राजनीतिक और कानूनी विवादों के दौरान भी पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया था.
हालांकि, विधानसभा चुनाव के बाद उनके बयानों में बदलाव देखने को मिला. उन्होंने पार्टी के कुछ फैसलों पर असहमति जताई थी और सम्मान नहीं मिलने की बात भी कही थी. इसी बीच यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वह नया राजनीतिक फैसला ले सकते हैं. फिलहाल न तो तृणमूल कांग्रेस और न ही अनुब्रत मंडल की ओर से पार्टी छोड़ने की खबरों पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.