Pranab Mukherjee Memorial: पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की स्मृति में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजघाट परिसर स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर समाधि बनाई जाएगी. केंद्र सरकार ने इसके निर्माण को मंजूरी दे दी है और अब केंद्रीय लोक निर्माण विभाग परियोजना से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है. अंतिम स्वीकृतियां मिलने और बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, स्मारक के डिजाइन को लेकर दिल्ली शहरी कला आयोग ने कुछ बदलाव सुझाए थे. इन सुझावों को शामिल करते हुए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने संशोधित प्रस्ताव दोबारा आयोग को भेज दिया है. फिलहाल अंतिम मंजूरी और बजट स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है.
अधिकारियों का कहना है कि संबंधित ट्रस्ट से वित्तीय स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. परियोजना को तय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा.
राजघाट परिसर में मिलेगा विशेष स्थान
प्रणब मुखर्जी पश्चिम बंगाल से पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता होंगे, जिनकी समाधि राजघाट परिसर के राष्ट्रीय स्मृति स्थल में बनाई जाएगी. यह परिसर देश के पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्रियों और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं की स्मृति में बने स्मारकों के लिए जाना जाता है.
करीब 245 एकड़ में फैले इस परिसर की शुरुआत महात्मा गांधी की समाधि राजघाट से हुई थी. इसके बाद समय-समय पर कई राष्ट्रीय नेताओं के स्मारक भी यहीं विकसित किए गए.
छह दशक के सार्वजनिक जीवन की मिलेगी स्थायी पहचान
प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में निधन हुआ था. उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया. राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने वित्त, रक्षा, विदेश और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली थी.
राजघाट परिसर में पहले से महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, ज्ञानी जैल सिंह, पी. वी. नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई राष्ट्रीय नेताओं के स्मारक मौजूद हैं. अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद प्रणब मुखर्जी की समाधि भी इसी राष्ट्रीय स्मृति परिसर का हिस्सा बनेगी.