Vinayak Raut Case: महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के पूर्व सांसद विनायक राउत और उनके परिवार के खिलाफ पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है. शिकायत उनकी बहू गिरिजा राउत ने दर्ज कराई है, जिसमें घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और अंधविश्वास से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक आरोपी को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है.
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, शिकायत में विनायक राउत, उनकी पत्नी, बेटे, स्थानीय जनप्रतिनिधि गीतेश राउत और दो अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. मामला घरेलू हिंसा और अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत दर्ज किया गया है. जांच एजेंसियां सभी आरोपों की सच्चाई की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटा रही हैं.
इसी मामले में फिरोज शेख नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है. वहीं, शिकायत में काजी नाम के एक अन्य व्यक्ति का भी उल्लेख किया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी.
शिकायत में लगाए कई गंभीर आरोप
गिरिजा राउत ने दावा किया है कि विवाह के बाद उन्हें लंबे समय तक मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक प्रताड़ना झेलनी पड़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि संतान से जुड़े विषय को लेकर उन्हें कथित तांत्रिकों के पास ले जाया गया, जहां अंधविश्वास के नाम पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें कई बार भोजन नहीं दिया गया, मारपीट की गई और लगातार अपमानित किया गया.
उन्होंने अपने पति के खिलाफ वैवाहिक जीवन से जुड़े भी कई आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, देश और विदेश की यात्राओं के दौरान भी उनके साथ दुर्व्यवहार और धमकी की घटनाएं हुईं. इन सभी आरोपों की जांच पुलिस कर रही है.
पूर्व सांसद ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
पूर्व सांसद विनायक राउत ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि मामला वैवाहिक विवाद और तलाक की प्रक्रिया से जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि गुजारा भत्ता, फ्लैट और कार की मांग पूरी नहीं होने के बाद उनके परिवार को इस मामले में फंसाया गया है.
राउत ने शिकायत दर्ज कराने के समय और उसके उद्देश्य पर भी सवाल उठाए हैं. समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी.