Jharkhand SIR 2026: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान दिसंबर 2004 के बाद जन्मे युवाओं के दस्तावेजों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई युवा और उनके अभिभावक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि गणना प्रपत्र में किस अभिभावक का विवरण दर्ज किया जाए.
29 जुलाई तक चलेगी प्रक्रिया
चुनाव आयोग के निर्देश पर 30 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है, जो 29 जुलाई तक जारी रहेगा. इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरवा रहे हैं और मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है.
बीएलओ भी दे रहे अलग-अलग जानकारी
दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों के मामले में अलग-अलग बीएलओ अलग-अलग जानकारी दे रहे हैं. कुछ का कहना है कि माता और पिता दोनों का विवरण देना होगा, जबकि कुछ केवल उस अभिभावक की जानकारी भरने की बात कह रहे हैं, जिसके साथ आवेदक का नाम दर्ज है. इससे लोगों की उलझन और बढ़ गई है.
फॉर्म में नहीं है दोनों अभिभावकों का कॉलम
कई लोगों का कहना है कि यदि दोनों अभिभावकों का विवरण अनिवार्य होता तो फॉर्म में उसके लिए अलग कॉलम दिया जाता. ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में भी दोनों अभिभावकों की जानकारी भरने का विकल्प उपलब्ध नहीं है. इसी वजह से लोग सही प्रक्रिया को लेकर संशय में हैं.
चुनाव अधिकारियों से मांगी गई स्पष्टता
भ्रम की स्थिति को लेकर कई लोग चुनाव अधिकारियों से भी मिले. अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि जल्द ही इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि किसी भी योग्य मतदाता को परेशानी न हो.
क्यों जरूरी है फॉर्म भरना
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है. इसके तहत मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को हटाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे. आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना गणना प्रपत्र जरूर भरें.