Seraikela: झारखंड में JSSC-PGT शिक्षक नियुक्ति के नाम पर कथित ठगी और अवैध वसूली के मामले में सरायकेला-खरसावां पुलिस ने एक आरक्षी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने नियुक्ति पत्र दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर मांगे गए 10 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रांची निवासी सुशील कुमार के रूप में हुई है, जो J.A.R.F.-05 कंपनी में आरक्षी के पद पर कार्यरत है। चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिव प्रकाश कुमार ने बताया कि 9 जुलाई 2026 को आरोपी चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ गांव स्थित देवीलाल साव के घर पहुंचा था। आरोप है कि वह उनकी पुत्री को JSSC-PGT का नियुक्ति पत्र दिलाने के बदले 10 लाख रुपये लेने आया था।
ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
घटना की जानकारी मिलने पर देवीलाल साव के साले गुरुचरण साव और स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद उसे चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने तत्काल आरोपी से पूछताछ शुरू की और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
तलाशी में कई अहम दस्तावेज हुए बरामद
थाना प्रभारी गौरव कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में आरोपी के बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दो JSSC-PGT प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड), दो मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आवेदकों से संबंधित कंप्यूटरीकृत दस्तावेज, उच्च न्यायालय के आदेश की एक प्रति, छह ब्लैंक चेक, एक आधार कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा है।
अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।