Rath Yatra Mahotsav: राजधानी रांची में आयोजित होने वाले रथ यात्रा महोत्सव-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा विभाग के विद्युत निरीक्षणालय ने बिजली व्यवस्था के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं. पंडाल लगाने वाले आयोजकों, दुकानदारों और अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने वालों को इन मानकों का पालन करना होगा.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली के उपयोग से पहले झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, JBVNL से विधिवत अनुमति और लोड स्वीकृति लेना अनिवार्य है. बिना अनुमति बिजली कनेक्शन लेने या अनधिकृत तरीके से लाइन खींचने पर कार्रवाई हो सकती है.
एलटी तार में हुक लगाकर कनेक्शन लेना खतरनाक
विद्युत निरीक्षणालय ने एलटी तार में हुक फंसाकर सर्विस लाइन लेने को अवैध और जानलेवा बताया है. विभाग के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था से करंट लगने, शॉर्ट सर्किट और आग लगने की आशंका बढ़ जाती है.
सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक बिजली की लाइन ले जाने की जरूरत हो तो उसे भूमिगत तरीके से बिछाने की सलाह दी गई है. यदि ऐसा संभव नहीं हो, तो जीआई बेयरर वायर के सहारे पर्याप्त ऊंचाई पर तार लगाने होंगे.
पंडालों में दो अर्थिंग और सुरक्षित वायरिंग जरूरी
हर पंडाल में कम से कम दो अर्थिंग की व्यवस्था करनी होगी. पंडाल के लोहे के ढांचे, धातु से बने उपकरण और बिजली से जुड़े अन्य हिस्सों को सही तरीके से भूयोजित करना अनिवार्य होगा.
बिजली के काम में केवल आईएसआई मार्क वाले उपकरणों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है. कटे-फटे तार, खुले जोड़ और क्षमता से कम केबल के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. स्विच बोर्ड और बिजली के तार बच्चों की पहुंच से दूर रखने होंगे.
मुख्य पैनल के पास भीड़ नहीं होनी चाहिए
मुख्य बिजली नियंत्रण कक्ष या पैनल को भीड़भाड़ से अलग सुरक्षित स्थान पर लगाने का निर्देश दिया गया है. इस स्थान की घेराबंदी करनी होगी, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति वहां तक नहीं पहुंच सके.
पैनल के पास रबर मैट, अग्निशामक यंत्र, रेत से भरी बाल्टी और करंट लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार से जुड़ा शॉक ट्रीटमेंट चार्ट रखना जरूरी होगा.
ऊर्जा विभाग ने आयोजकों से अपील की है कि वे रथ यात्रा के दौरान बिजली से जुड़े सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए महोत्सव सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके.