Adityapur: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना परिसर में उस समय माहौल गर्म हो गया, जब हिमांशु हत्याकांड के विरोध में हिरासत में लिए गए लोगों से भरे जा रहे निजी मुचलके में एक अतिरिक्त शर्त जोड़े जाने का मामला सामने आया। इस शर्त का भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि निजी मुचलके में यह लिखवाया जा रहा है कि वे भविष्य में किसी भी हत्याकांड से जुड़े जुलूस, धरना या प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। इसे लेकर भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर में ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मेयर संजय सरदार ने पुलिस पर लगाए आरोप
हिरासत में लिए गए आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम करते हुए लोगों को बेवजह फंसा रही है। उन्होंने कहा कि निजी मुचलके में जबरन ऐसी शर्त लिखवाई जा रही है, जिसमें भविष्य में किसी भी हत्याकांड को लेकर जुलूस या धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की बात कही गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बेगुनाहों के समर्थन में आवाज उठाना भी अब अपराध माना जाएगा। भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं के तीखे विरोध के बाद आदित्यपुर थाना पुलिस ने निजी मुचलके में संशोधन किया। इसके बाद विवाद कुछ हद तक शांत हुआ।
पत्रकारों को कवरेज से रोकने पर उठा विवाद
इसी दौरान थाना परिसर में घटनाक्रम की कवरेज कर रहे पत्रकारों को सरायकेला एसडीपीओ और आदित्यपुर थाना प्रभारी ने कवरेज करने से रोक दिया। अधिकारियों का कहना था कि सभी लोग हिरासत में हैं, इसलिए कवरेज की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना था कि सुबह जब करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया गया था, तब विभिन्न मीडिया संस्थानों ने इस घटनाक्रम की रिपोर्टिंग की थी। लेकिन जैसे ही पुलिस प्रशासन के विरोध की तस्वीरें सामने आने लगीं, कवरेज पर रोक लगा दी गई। पत्रकारों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया।