Himachal Monsoon News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत होते ही, तबाही मच गई है. हिमाचल में हो रही लगातार वर्षा, भूस्खलन और बादल के फटने की घटनाएं सामने आई है, और इन सभी घटनाओं के बीच अब तक 14 लोग अपनी जान गवाह चुके है. राज्य में आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक शुरूआती आकलन में करीब 16 करोड़ रुपए के नुकसान की जानकारी सामने आई है. मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक जिले भर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
किन्नौर में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, हाईवे तक कई घंटे बंद रहा
भारी बारिश के बाद किन्नौर के चौलिंग क्षेत्र में भूस्खलन होने से शिमला-रिकांगपिओ राष्ट्रीय राजमार्ग करीब छह घंटे तक बंद रहा. सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ. इसी दौरान दो कारें भी मलबे की चपेट में आ गईं, लेकिन समय रहते वाहन रुक जाने से बड़ा हादसा टल गया. रिब्बा-कंडे संपर्क मार्ग भी बाढ़ और मलबे के कारण बंद हो गया.
49 सड़कें बंद, राहत और बहाली का काम जारी
राज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते 49 सड़कें बंद हैं. तीन ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई है. प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के साथ मलबा हटाने और जरूरी सेवाएं बहाल करने में जुटी हैं.
सामान्य से दोगुनी बारिश से हाल बेहाल, अगले कुछ दिन भारी बारिश के संकेत
प्रदेश में मानसून शुरू होने के बाद तीन दिनों में 30.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक है. किन्नौर में सामान्य से 423 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है. बीते 24 घंटे में शिमला, मंडी, सराहन और बिलासपुर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग का कहना है कि 5 जुलाई से बारिश का दौर और तेज हो सकता है. 12 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित इलाकों और पहाड़ी मार्गों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
एसईओसी के मुताबिक 30 जून से अब तक मौसम से जुड़ी घटनाओं में 12 लोगों और अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हुई है. प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा.