Kolhan University Bengali Language Course: कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन कॉलेजों में बंगाली भाषा की पढ़ाई दोबारा शुरू कराने की मांग तेज हो गई है. बंगाली सेवा समिति के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचकर कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता से मुलाकात की और इस संबंध में ज्ञापन सौंपा.
समिति ने विश्वविद्यालय से यूजी और पीजी स्तर पर बंगाली विषय की पढ़ाई नियमित कराने की मांग की. प्रतिनिधियों ने कहा कि कई कॉलेजों में बंगाली ऑनर्स की सीटें होने के बावजूद शिक्षकों की कमी और विभागों के निष्क्रिय रहने से विद्यार्थियों को विषय चुनने का अवसर नहीं मिल पा रहा है.
बंगाली भाषी विद्यार्थियों के हित का मुद्दा उठाया
प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के समक्ष कहा कि कोल्हान प्रमंडल में बंगाली भाषी आबादी बड़ी संख्या में रहती है. ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलना चाहिए.
समिति ने खाली पड़े शिक्षक पदों पर नियुक्ति करने और जिन कॉलेजों में बंगाली विभाग बंद या निष्क्रिय हैं, वहां शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू कराने की मांग रखी. प्रतिनिधियों का कहना था कि बंगाली भाषा केवल पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी है.
कुलपति ने कहा, प्रक्रिया तेज की जाएगी
कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुना और कहा कि भाषा तथा संस्कृति से जुड़े विषयों को बढ़ावा देना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने बताया कि स्थायी कुलपति नहीं होने के कारण कई शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य लंबित रहे, लेकिन अब लंबित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है.
कुलपति ने आश्वासन दिया कि बंगाली विषय से जुड़ी मांगों पर सिंडिकेट और राज्य सरकार के स्तर पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो माह के भीतर अधिकांश समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी.
मुलाकात के दौरान केबु दत्ता, दिलजय बॉस, राजेश राय समेत बंगाली सेवा समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे.