Amarnath Yatra: 3 जुलाई से शुरू होने जा रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू के बेस कैंप में देशभर से आए श्रद्धालुओं का भारी हुजूम जुट चुका है। तवी नदी के किनारे बने पंजीकरण केंद्रों पर ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है।
पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर भक्तों में खास उत्साह
पहली बार अमरनाथ यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। एक युवक ने बताया कि वर्षों से बाबा बर्फानी के दर्शन का सपना संजोए हुए था, जो अब पूरा होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबी कतारों में खड़े रहने की थकान भी बाबा के दर्शन की खुशी के आगे फीकी पड़ गई है। वहीं, बीकानेर से आए श्रद्धालु चंद्रशेखर चांगानी ने श्राइन बोर्ड की सुरक्षा, खान-पान और अन्य सुविधाओं की सराहना की।
57 दिनों तक चलेगी पवित्र अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दो मार्गों से होगी यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालु इस वर्ष भी दो मार्गों से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग अनंतनाग जिले से होकर जाता है, जबकि गांदरबल जिले से शुरू होने वाला 14 किलोमीटर लंबा बाल्टल मार्ग छोटा जरूर है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है। प्रशासन ने दोनों ही मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।