Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-08-17

Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने चार पूर्व उपभोक्ता आयोग पदाधिकारियों को दी बड़ी राहत, नई नियुक्ति तक सेवा में रखने का आदेश

Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों के चार सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को दोबारा पद पर नियुक्त करने और नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा में बनाए रखने का आदेश दिया है।


न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि जिन पदाधिकारियों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के Limaye-I फैसले से पहले हुई थी और नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने से पहले उनका कार्यकाल समाप्त हो गया, उन्हें नई नियुक्तियां होने तक सेवा में बने रहने का अधिकार है।


21 मई 2025 को कटऑफ मानना सही नहीं

राज्य सरकार ने 10 अक्टूबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर केवल उन अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रावधान किया था, जो 21 मई 2025 या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए थे। हाईकोर्ट ने इस प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 21 मई 2025 को कटऑफ तारीख मानने का कोई उचित आधार नहीं है। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के Limaye-II फैसले में ऐसी कोई कटऑफ तारीख निर्धारित नहीं की गई है।




चारों पदाधिकारियों को पिछली तारीख से सेवा का लाभ

अदालत ने चारों याचिकाकर्ताओं को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख से लगातार सेवा में मानने का निर्देश दिया है। इससे उन्हें पिछली अवधि का भी सेवा लाभ मिलेगा।

उमेश सिंह को लातेहार जिला उपभोक्ता आयोग में सदस्य के पद पर 8 फरवरी 2025 से लगातार सेवा में माना जाएगा। वहीं, सुरेश चंद्र जायसवाल को जामताड़ा जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद पर 30 दिसंबर 2024 से सेवा में माना गया है। इसी तरह बिमल कुमार लकड़ा को सिमडेगा जिला उपभोक्ता आयोग में सदस्य के पद पर 21 सितंबर 2024 से और चंदन बनर्जी को दुमका जिला उपभोक्ता आयोग में सदस्य के पद पर 2 नवंबर 2024 से लगातार सेवा में माना जाएगा।


नई नियुक्ति होने तक जारी रहेगी सेवा

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चारों पदाधिकारियों की सेवा नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी। अदालत ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित नियमों में बदलाव होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना में किए गए उस प्रावधान को भी संशोधित कर दिया, जिसमें केवल 21 मई 2025 या उसके बाद सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को ही सेवा विस्तार का लाभ दिया गया था। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी पात्र पदाधिकारियों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाए। इस फैसले से राज्य के जिला उपभोक्ता आयोगों में कार्यरत और सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के सेवा अधिकारों को लेकर स्थिति भी स्पष्ट हुई है।

WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !