National News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द मंत्रिमंडल फेरबदल की संभावना जताई जा रही है. मिडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव के साथ ही भारतीय जनता पार्टी की नई संगठनात्मक टीम की भी घोषणा हो सकती है. बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व नई टीम को अंतिम रूप दे चुका है और जल्द इसका ऐलान किया जा सकता है.
संगठन और सरकार में हो सकता है बदलाव
सूत्रों के अनुसार, कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है. कुछ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव की चर्चा है. बताया जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष ने हाल ही में कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ इस संबंध में विचार-विमर्श भी किया है.
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी अटकलें
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है. नीट परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े विवादों के बाद उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
मानसून सत्र से पहले हो सकता है फैसला
सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार का फैसला प्रधानमंत्री के आगामी विदेशी दौरों और संसद के मानसून सत्र को ध्यान में रखकर लिया जा सकता है. जुलाई के तीसरे सप्ताह में मानसून सत्र शुरू होने की संभावना है, जबकि इससे पहले प्रधानमंत्री के कई विदेश दौरे भी प्रस्तावित हैं.
क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों पर रहेगा जोर
बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय और चुनावी समीकरणों का भी ध्यान रखा जाएगा. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में इन राज्यों को प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है. पश्चिम बंगाल से भी कुछ सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है.
एक व्यक्ति, एक पद फॉर्मूले पर हो सकता है अमल
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी "एक व्यक्ति, एक पद" की नीति पर आगे बढ़ सकती है. ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ केंद्रीय मंत्रियों को सरकार से हटाया जा सकता है. वहीं, जिन मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका है या होने वाला है, उनके भविष्य को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है.
अन्य दलों से आए नेताओं को भी मिल सकता है मौका
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए कुछ सांसदों को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है. हालांकि इससे जुड़े किसी भी फैसले पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है.
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद तेज हुईं चर्चाएं
23 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 25 जून को गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात के बाद कैबिनेट फेरबदल की अटकलों ने जोर पकड़ लिया. हालांकि सरकार की ओर से इन मुलाकातों को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया है. फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और अंतिम फैसला प्रधानमंत्री तथा पार्टी नेतृत्व की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा.