Seraikela: सरायकेला-खरसावां पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर चलाए जा रहे ‘प्रोजेक्ट डिवाइस’ अभियान के तहत उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में जून माह के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 35 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिन्हें सत्यापन के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम होने या चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से मोबाइल की ट्रैकिंग शुरू की। तकनीकी सहायता से मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया और सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित लोगों को वापस सौंप दिया गया।
तकनीक के जरिए आसान हुई बरामदगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘प्रोजेक्ट डिवाइस’ का उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग कर गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को जल्द से जल्द बरामद करना है। सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर दर्ज होते ही डिवाइस को ट्रैक और आवश्यकता पड़ने पर ब्लॉक किया जा सकता है। इससे चोरी के मोबाइल का दुरुपयोग भी रुकता है और उसकी बरामदगी में आसानी होती है। पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी और निजी डेटा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में गुम हुए मोबाइल को उसके मालिक तक वापस पहुंचाना जिला पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलते ही तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि कर ट्रैकिंग प्रक्रिया शुरू करें।
लोगों से सहयोग की अपील
जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में बिना देरी किए निकटतम थाना में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही मोबाइल का बिल और आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें, ताकि ट्रैकिंग और बरामदगी की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके। जिन लोगों को उनके गुम या चोरी हुए मोबाइल वापस मिले, उन्होंने सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस और पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी का आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि तकनीक आधारित इस पहल से आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।