Ranchi News : झारखंड में सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार और ठेकेदारों के बीच विवाद गहरा गया है। राज्य सरकार ने ठेकेदारों की अतिरिक्त भुगतान (कॉस्ट एस्केलेशन) की मांग पर कड़ा रुख अपनाते हुए इस पर आपत्ति दर्ज की है। सरकार का कहना है कि संविदा की शर्तों से बाहर जाकर अतिरिक्त राशि का भुगतान करना नियमों के अनुरूप नहीं है।
कीमत बढ़ने का हवाला देकर ठेकेदारों ने मांगी राहत
हाल के महीनों में बिटुमेन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सड़क निर्माण परियोजनाओं की लागत बढ़ गई है। इसी आधार पर कई ठेकेदारों ने सरकार से अतिरिक्त भुगतान या अनुबंध राशि में संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा दरों पर निर्माण कार्य करना आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित हो रहा है और इससे कई परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने अनुबंध की शर्तों का दिया हवाला
राज्य सरकार का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडरों और अनुबंधों में निर्धारित शर्तों के अनुसार ही भुगतान किया जाएगा। यदि किसी अनुबंध में मूल्य समायोजन (प्राइस एस्केलेशन) का प्रावधान नहीं है, तो केवल कीमत बढ़ने के आधार पर अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता। सरकार ने संबंधित विभागों को भी इस मामले में नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
बिटुमेन की बढ़ती कीमतों को लेकर ठेकेदारों का कहना है कि यदि लागत के अनुरूप राहत नहीं दी गई तो कई सड़क परियोजनाओं के निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। वहीं सरकार का स्पष्ट रुख है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में वित्तीय अनुशासन और संविदा की शर्तों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।