Ranchi Big News: राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में एक चालक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है. डीटी खटाल इलाके के रहने वाले चालक प्रधान यादव ने कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी जान दे दी. घटना के बाद एसपी राकेश रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केस के जांच अधिकारी (IO) जमादार लालमोहर पांडेय और उनके सहयोगी जितेंद्र टुडू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
वहीं धुर्वा थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा जोनल आईजी से की गई है. पूरे मामले की जांच के लिए हटिया डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
आत्महत्या से पहले छोड़ा पांच पन्नों का सुसाइड नोट
प्रधान यादव ने आत्महत्या से पहले पांच पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है. इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए केस के IO लालमोहर पांडेय, जितेंद्र टुडू और स्वर्गीय यादव के चार बेटों, जितेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, जितेश यादव सहित अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है.
सुसाइड नोट में प्रधान यादव ने आरोप लगाया है कि एक मारपीट और जानलेवा हमला मामले में पुलिस ने उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें ही परेशान किया गया.
मारपीट के बाद शुरू हुआ था विवाद
प्रधान यादव के अनुसार, 5 जून को किसी बात को लेकर स्वर्गीय यादव के चारों बेटों से विवाद हुआ था. आरोप है कि इसके बाद उन लोगों ने लाठी-डंडा, रॉड, तलवार और भाले से हमला कर दिया.
प्रधान ने लिखा कि इस हमले में वह, उनकी पत्नी और बुजुर्ग पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर धुर्वा थाना पहुंचे तो आरोप है कि उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही दोषी ठहराया जाने लगा.
पुलिस पर पक्षपात का लगाया आरोप
सुसाइड नोट में प्रधान यादव ने आरोप लगाया कि केस के IO लालमोहर पांडेय ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की. उन्होंने लिखा कि वह कानून के जानकार नहीं हैं, लेकिन लगातार परेशान किए जाने के बाद समझौते की कोशिश भी की थी.
प्रधान ने आरोप लगाया कि उन्हें ही मामले में जिम्मेदार ठहराया जा रहा था, जबकि दूसरे पक्ष को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ था. उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपियों का धुर्वा बस स्टैंड क्षेत्र में होटल और अन्य गतिविधियों से जुड़ा कारोबार है. हालांकि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. जांच टीम सुसाइड नोट, दर्ज केस, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा करेगी. एसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल IO समेत दो पुलिसकर्मियों पर प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है.