NEET Paper Leak: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों के बीच बढ़ती चिंता और अनिश्चितता को लेकर कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर NEET UG समेत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में सामने आए विवादों और कथित अनियमितताओं पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है.
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में बढ़ी बेचैनी
संसद की स्थायी समिति शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि NEET UG 2026 परीक्षा निरस्त होने के बाद लाखों छात्र मानसिक दबाव और असमंजस की स्थिति में हैं. उनका कहना है कि मामले में स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आने से विद्यार्थियों के बीच भ्रम और अविश्वास लगातार बढ़ रहा है.
जांच की प्रगति और कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्र यह जानना चाहते हैं कि पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य गड़बड़ियों की जांच कहां तक पहुंची है. साथ ही अब तक किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और दोषियों पर क्या कदम उठाए गए हैं. उन्होंने सरकार से इन सभी पहलुओं की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है.
आठ वर्षों की सभी परीक्षा विवादों की जानकारी सामने लाने की अपील
अपने पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पिछले आठ वर्षों के दौरान NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सामने आए सभी विवादों और अनियमितताओं का पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखा जाए. उनका कहना है कि प्रस्तावित श्वेत पत्र में प्रत्येक मामले की जांच की वर्तमान स्थिति, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जानकारी और अदालतों में दाखिल आरोप पत्र अथवा क्लोजर रिपोर्ट की स्थिति का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए.
युवाओं का भरोसा लौटाने के लिए पारदर्शिता जरूरी
दिग्विजय सिंह ने NEET UG 2024 और UGC NET 2024 से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं का भरोसा फिर से स्थापित करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है.
दिग्विजय सिंह ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए जल्द ठोस कदम उठाएंगे. उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने से छात्रों और अभिभावकों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिलेगा और व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा.