Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. भाजपा उम्मीदवारों के नामों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया है कि राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही भाजपा अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी.
उम्मीदवारों के नामों पर चर्चाओं के बीच बाबूलाल का बड़ा संकेत
जमशेदपुर दौरे पर पहुंचे बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रदेश भाजपा अपनी राय केंद्रीय चुनाव समिति को भेज चुकी है. अब उम्मीदवारों के चयन पर अंतिम निर्णय दिल्ली में लिया जाएगा. उनके इस बयान के बाद उम्मीदवारों को लेकर चल रही अटकलों को और बल मिला है.
अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपाई सोरेन के नाम चर्चा में
राज्यसभा चुनाव को लेकर अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपाई सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में मरांडी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, उसके समर्थन में पूरा संगठन एकजुट होकर काम करेगा.
18 जून को होगा मतदान, दो सीटों पर मुकाबला
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है. इनमें एक सीट झामुमो के सह संस्थापक और पूर्व राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई है. दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही है.
विधानसभा का गणित क्या कहता है
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं. वहीं एनडीए के खाते में 24 विधायक हैं, जबकि एक विधायक झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से है. संख्या बल के लिहाज से इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में है, लेकिन भाजपा भी एक सीट जीतने की रणनीति पर काम कर रही है.
बंगाल की राजनीति पर भी बोले बाबूलाल
राज्यसभा चुनाव के अलावा बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पूरे मामले को देखकर यह राजनीतिक नाटक जैसा प्रतीत होता है.
केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं निगाहें
बाबूलाल मरांडी के बयान के बाद राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं. अब सभी की नजर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी है, जो जल्द ही यह तय करेगा कि पार्टी राज्यसभा चुनाव में किन चेहरों पर दांव लगाने जा रही है.