Ranchi News : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने देश की शिक्षा व्यवस्था और हाल के परीक्षा विवादों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। हरमू स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने शिक्षा नीति, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा बजट को लेकर कई सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट से गुजर रही है और इसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। झामुमो का आरोप है कि नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के माध्यम से शिक्षा संस्थानों पर वैचारिक नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
सुप्रियो भट्टाचार्य ने नीट परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और अन्य गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई खामियों के कारण लाखों विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सीबीएसई से जुड़े हालिया विवादों का भी उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन में हुई कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेनी चाहिए। झामुमो ने मांग की कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
शिक्षा बजट बढ़ाने और शैक्षणिक स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो नेता ने यूजीसी के नए दिशा-निर्देशों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि शोध कार्यों पर अत्यधिक नियंत्रण से शैक्षणिक स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में स्वतंत्र वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
शिक्षा बजट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ाने की जरूरत है, ताकि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाने की मांग की।
राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श जारी है और उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं ट्रेजरी मामले में भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित मामले की जांच एजेंसियां कर रही हैं और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।