Ranchi News: रांची स्थित रिम्स की अधिग्रहीत जमीन से जुड़े बहुचर्चित फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी पवन कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को एसीबी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अदालत से अपना जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया. इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 जून निर्धारित की है.
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी ने दर्ज की थी प्राथमिकी
रिम्स की अधिग्रहीत जमीन से जुड़े इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद जांच एजेंसी ने पूरे मामले की जांच शुरू करते हुए जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल की.
जांच के दौरान चार आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
मामले में कार्रवाई करते हुए एसीबी ने 7 अप्रैल 2026 को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बढ़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार शामिल हैं. जांच एजेंसी के अनुसार इन लोगों ने आपसी मिलीभगत से जमीन के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों में हेराफेरी की थी.
फर्जी वंशावली तैयार कर जमीन को निजी संपत्ति बताने का आरोप
एसीबी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने रिम्स के लिए अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दर्शाने के उद्देश्य से कथित तौर पर फर्जी वंशावली तैयार की थी. आरोप है कि इसी आधार पर जमीन पर निजी स्वामित्व का दावा करने की कोशिश की गई.
9.65 एकड़ अधिग्रहीत जमीन पर अवैध कब्जे का मामला
यह पूरा मामला वर्ष 1964 और 1965 में रिम्स के लिए अधिग्रहीत की गई लगभग 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है. जांच के अनुसार इस जमीन पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकानें और मकान बना लिए गए थे. इसी कथित अनियमितता और दस्तावेजी फर्जीवाड़े की जांच एसीबी कर रही है.
अब 10 जून की सुनवाई पर टिकी हैं निगाहें
रिम्स की अधिग्रहीत जमीन से जुड़े इस मामले को राज्य के चर्चित भूमि फर्जीवाड़ा मामलों में से एक माना जा रहा है. फिलहाल पवन कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर एसीबी को अपना जवाब दाखिल करना है. ऐसे में अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी, जहां अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगी.