Ranchi News: रिम्स (रांची) के कार्डियोथोरेसिक विभाग ने एक पांच वर्षीय बच्ची की सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया है. यह बच्ची जन्म से ही दिल में छेद (सेप्टल डिफेक्ट) की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी. इस वजह से उसे लंबे समय से कई तरह की शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.
जांच में हुआ बीमारी का खुलासा
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची को लगातार सांस फूलने, बार-बार निमोनिया होने, दिल की धड़कन तेज रहने और वजन न बढ़ने जैसी समस्याएं थीं. जब उसकी गहन जांच की गई, तो इकोकार्डियोग्राफी और कार्डियक सीटी स्कैन के जरिए दिल में छेद होने की बात सामने आई. विशेषज्ञों का कहना था कि अगर सही समय पर यह कदम नहीं उठाया जाता, तो बीमारी फेफड़ों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती थी. इसके बाद डॉक्टरों ने त्वरित फैसला लेते हुए ओपन हार्ट सर्जरी की और छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया.
आयुष्मान योजना से मिला मुफ्त इलाज
ऑपरेशन के बाद बच्ची की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और उसकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है. राहत की बात यह भी रही कि इस पूरे इलाज के लिए गरीब परिवार को कोई खर्च नहीं करना पड़ा. आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत यह जटिल सर्जरी पूरी तरह से नि:शुल्क की गई.
इन डॉक्टरों की टीम ने किया कमाल
इस पूरे सफल ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. राकेश चौधरी ने किया. उनके साथ कार्डियक एनेस्थीसिया टीम में प्रो. डॉ. शिव प्रिये और डॉ. मुकेश कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई. इसके अलावा रेजिडेंट डॉक्टरों, ओटी स्टाफ, परफ्यूजनिस्ट, आईसीयू नर्सिंग टीम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी इस इलाज को कामयाब बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया.
अस्पताल में मनाया गया जन्मदिन
इलाज के दौरान ही 28 मई को बच्ची पांच साल की हुई, जिसे रिम्स परिवार ने बेहद खास बना दिया. डॉक्टरों और स्टाफ ने अस्पताल परिसर में ही बच्ची का पांचवां जन्मदिन मनाया, जिससे बच्ची और उसके माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान लौट आई. सफल सर्जरी के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और पूरी मेडिकल टीम की संवेदनशीलता और सेवा भाव के लिए उनका दिल से आभार जताया है.