Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर गुरु प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन व्रत को करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल, आध्यात्मिक उन्नति तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। गुरुवार के दिन पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत देवगुरु बृहस्पति से भी जुड़ा माना जाता है, इसलिए इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
शुभ योग, नक्षत्र और ग्रहों की खास स्थिति
आज प्रातः 07:56 बजे तक शुक्ल द्वादशी तिथि रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी। वरीयान योग अगले दिन प्रातः 03:55 बजे तक रहेगा। चित्रा नक्षत्र सुबह 08:08 बजे तक रहेगा, फिर स्वाति नक्षत्र का आरंभ होगा। सूर्य देव वृषभ राशि में और चंद्र देव तुला राशि में विराजमान हैं। पंचांग के अनुसार यह संयोग बुद्धि, रचनात्मकता, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है।
जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और दिनभर का समय
गुरु प्रदोष पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 07:12 बजे से रात 09:15 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा। सूर्योदय प्रातः 05:25 बजे और सूर्यास्त सायं 07:12 बजे होगा। आज राहुकाल दोपहर 02:02 बजे से 03:45 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। अमृत काल रात्रि 12:55 बजे से 02:41 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
व्रत से मिलती है विद्या, धन और सौभाग्य की प्राप्ति
शास्त्रों के अनुसार गुरु प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को विद्या, बुद्धि, धन, भाग्य और मानसिक शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अधिक मास में पड़ने के कारण यह व्रत और भी पुण्यदायी माना जा रहा है। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा, दीपदान और व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। यह दिन आत्मिक शुद्धि, धार्मिक ज्ञान और सुखमय जीवन की दिशा में विशेष महत्व रखता है।