Jharkhand News: केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के विभिन्न केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में महानिदेशक से लेकर पुलिस अधीक्षक स्तर तक के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं. सबसे अधिक कमी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में एसपी स्तर पर है, जहां स्वीकृत 78 पदों में से 45 पद खाली हैं, जबकि आईजी स्तर पर 18 में से 3 पद रिक्त हैं. इसी तरह खुफिया ब्यूरो (IB) में भी बड़े पैमाने पर रिक्तियां हैं, जहां डीआईजी स्तर पर 63 में से 35 पद और एसपी स्तर पर 83 में से 44 पद खाली पड़े हैं.
बीएसएफ, सीआरपीएफ, एनआईए और पुलिस अकादमी में भी बड़े पैमाने पर रिक्तियां
सुरक्षा बलों और विशिष्ट जांच एजेंसियों में भी रैंक के आधार पर कई पद खाली पड़े हैं. सीमा सुरक्षा बल (BSF) में आईजी स्तर पर 22 में से 6 पद और डीआईजी स्तर पर 26 में से 2 पद खाली हैं, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में आईजी के 23 पदों में से 4 पद रिक्त हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में आईजी स्तर पर 9 में से 4 पद और एसपी स्तर पर 39 में से 13 पद खाली हैं. इसके अलावा, राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA) में आईजी स्तर के दोनों पद खाली हैं, जबकि एसपी स्तर पर 14 में से 5 पद रिक्त चल रहे हैं.
गृह मंत्रालय ने बदले प्रतिनियुक्ति के नियम, 2011 बैच के अधिकारियों पर होगा लागू
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईपीएस अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की नीति में एक बड़ा बदलाव किया है. नए नियम के तहत अब केंद्र में आईजी स्तर के पदों पर तैनात होने के लिए अधिकारियों को एसपी या डीआईजी स्तर पर कम से कम दो वर्ष का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनुभव होना अनिवार्य कर दिया गया है. मंत्रालय का यह नया प्रशासनिक नियम मुख्य रूप से 2011 बैच के आईपीएस अधिकारियों से प्रभावी रूप से लागू होगा. इस व्यवस्था से आईजी रैंक पर पदोन्नति के लिए केंद्रीय अनुभव की महत्ता बढ़ जाएगी.
वर्तमान में झारखंड कैडर के कई महत्वपूर्ण आईपीएस अधिकारी केंद्र में हैं प्रतिनियुक्त
झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों की एक बड़ी टीम वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रही है. इन अधिकारियों में नवीन कुमार सिंह, बलजीत सिंह, आशीष बत्रा, साकेत कुमार सिंह, कुलदीप द्विवेदी, अभिषेक, अनूप टी मैथ्यू, अनीश गुप्ता, एम तमिल वानन, पी मुरुगन, जया रॉय, शिवानी तिवारी, अखिलेश वॉरियर, अंशुमन कुमार, हरि लाल चौहान, प्रियंका मीणा, सुभाष चंद्र जाट, आर रामकुमार, विनीत कुमार, के विजय शंकर और शुभांशु जैन शामिल हैं. इन रिक्तियों के बीच राज्य के अन्य अधिकारियों के लिए भी केंद्र में नए विकल्प तैयार हो रहे हैं.