Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-24

UP News: कानपुर में इलाज के बाद महिला का हाथ काटना पड़ा, नाराज आईटीबीपी जवानों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय घेरा

UP News: कानपुर में एक महिला का हाथ कटने के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है. आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी मां का हाथ गलत इलाज की वजह से काटना पड़ा. मामले में कार्रवाई न होने और जांच रिपोर्ट को लेकर नाराज जवान अपने साथियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए.
करीब 100 आईटीबीपी जवानों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध
शनिवार सुबह मामला उस समय और गरमा गया जब आईटीबीपी के करीब 100 जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए. जवानों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ कार्यालय डॉक्टरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

करीब 11:15 बजे जवानों का समूह कई गाड़ियों और ट्रकों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा. परिसर में आईटीबीपी की 15 से अधिक गाड़ियां मौजूद रहीं. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से जवानों ने मुलाकात कर अपनी नाराजगी जाहिर की. बैठक के बाद आईटीबीपी की पांच से छह गाड़ियां सीएमओ कार्यालय के लिए रवाना हुईं. जवानों की मांग है कि मामले में स्पष्ट जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए.

सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
आईटीबीपी जवान विकास सिंह के मुताबिक उन्होंने 13 मई की शाम अपनी मां निर्मला देवी को सांस लेने में परेशानी होने पर कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. उनका आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनकी मां की हालत बिगड़ती चली गई. उन्होंने बताया कि भर्ती के करीब 12 घंटे बाद 14 मई को उनकी मां के दाहिने हाथ में सूजन आने लगी. जब उन्होंने डॉक्टरों से इस बारे में पूछा तो उन्हें कहा गया कि सूजन धीरे धीरे ठीक हो जाएगी.

दूसरे अस्पताल पहुंचते ही सामने आया संक्रमण का मामला
विकास सिंह ने बताया कि साथी जवानों से बातचीत के बाद उन्हें शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने मां को दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया. 14 मई की शाम ही निर्मला देवी को पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. वहां डॉक्टरों ने हाथ में गंभीर संक्रमण होने की जानकारी दी. हालत लगातार बिगड़ने के बाद 17 मई को उनकी मां का हाथ काटना पड़ा. इस घटना के बाद परिवार और जवानों में भारी नाराजगी फैल गई.

कार्रवाई न होने पर कटा हाथ लेकर पहुंचे थे पुलिस कार्यालय
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगातार दो दिन तक रेलबाजार पुलिस और एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए थे, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. पुलिस कमिश्नर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे.

सीएमओ की रिपोर्ट पर उठे सवाल, जवानों ने कहा डॉक्टरों को बचाया जा रहा
शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय की जांच रिपोर्ट सामने आई. लेकिन रिपोर्ट में स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं की गई, जिस पर सवाल खड़े हो गए. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने भी रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संभावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि स्पष्ट तथ्यों के साथ रिपोर्ट दी जाए. उन्होंने यह भी कहा कि दोष तय कर अभियोग दर्ज करने को लेकर साफ संस्तुति दी जानी चाहिए. इसी रिपोर्ट को लेकर नाराज आईटीबीपी जवान शनिवार को फिर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए और डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया.

मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित परिवार अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि जवानों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !