Coal Mine Pension: भारत सरकार ने कोयला क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से "कोयला खान पेंशन (संशोधन) योजना 2026" को अधिसूचित कर दिया है. कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के जनसंपर्क अधिकारी रवि सिन्हा के अनुसार, इस संशोधन से "कोयला खान फैमिली पेंशन योजना 1971" के तहत आने वाले हजारों पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा. नए नियमों के तहत अब सभी पात्र फैमिली पेंशनधारकों के लिए न्यूनतम पेंशन राशि 1 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है. इस अधिसूचना के माध्यम से कोयला क्षेत्र के आश्रित परिवारों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया गया है.
8 मार्च 2024 से प्रभावी होंगी दरें, एरियर के साथ होगा भुगतान
विभागीय जानकारी के अनुसार, ये पेंशनभोगी पूर्व में हुए न्यूनतम पेंशन संशोधन के लाभ से तकनीकी कारणों से वंचित रह गए थे. इस विसंगति को सुधारते हुए नई अधिसूचना के तहत संशोधित न्यूनतम राशि 1 हजार रुपये तय की गई है, जो 8 मार्च 2024 से प्रभावी मानी जाएगी. संगठन द्वारा वित्तीय आकलन पूरा करने के बाद अगले महीने से संशोधित दर पर नियमित भुगतान शुरू कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, पात्र लाभार्थियों को प्रभावी तिथि से लेकर अब तक के बकाया (एरियर) का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा.
लगभग 16 हजार पुराने फैमिली पेंशनधारकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस संशोधन से देश भर के लगभग 16 हजार फैमिली पेंशनधारकों को सीधा वित्तीय लाभ प्राप्त होगा. इससे पूर्व "सीएमपीएफ पेंशन एक्ट 1998" में हुए संशोधन के बाद न्यूनतम पेंशन 1 हजार रुपये की गई थी, परंतु "कोल माइंस फैमिली पेंशन स्कीम 1971" इसके दायरे में शामिल होने से छूट गई थी. इस नई अधिसूचना के माध्यम से पुरानी योजना के लाभार्थियों को भी समान लाभ के अंतर्गत लाते हुए तकनीकी त्रुटि को दूर कर दिया गया है.
आश्रित परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मिलेगा बल
सीएमपीएफओ प्रबंधन ने इस अवसर पर कहा कि संगठन अपने पेंशनभोगियों के कल्याण और समावेशी सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इस नीतिगत सुधार के लागू होने से पुरानी योजना से जुड़े पेंशनभोगियों के अधिकारों को मान्यता मिली है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र के आश्रित परिवारों को बेहतर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी.