National News: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्वदेशी अग्नि 1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO द्वारा विकसित इस मिसाइल का परीक्षण शुक्रवार शाम ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया. इस सफल परीक्षण को भारत की सामरिक और रक्षा क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ओडिशा के एकीकृत परीक्षण रेंज से शाम 6.30 बजे किया गया सफल परीक्षण
जानकारी के मुताबिक अग्नि 1 मिसाइल का परीक्षण शाम करीब 6.30 बजे एकीकृत परीक्षण रेंज यानी ITR से किया गया. परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल ने तय मानकों के अनुसार प्रदर्शन किया. इस सफलता के बाद भारत की रक्षा तैयारियों और सामरिक शक्ति को नई मजबूती मिली है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सफल परीक्षण भारत की सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करते हैं तथा दुश्मन देशों के खिलाफ रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.
परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है अग्नि 1 मिसाइल
अग्नि 1 पूरी तरह स्वदेशी शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे भारत की सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है. यह मिसाइल परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने की क्षमता रखती है.
इस मिसाइल का संचालन भारतीय सशस्त्र बलों की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड करती है. रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार अग्नि 1 भारत की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने वाली अहम मिसाइलों में शामिल है.
700 से 1200 किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को बना सकती है निशाना
अग्नि 1 मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता मानी जाती है. यह मिसाइल करीब 700 किलोमीटर से लेकर 1200 किलोमीटर तक की दूरी पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को सटीक तरीके से निशाना बना सकती है.
इसकी उच्च सटीकता इसे और अधिक प्रभावी बनाती है. यही वजह है कि इसे भारत की सामरिक सुरक्षा व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
1000 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने की क्षमता से लैस है मिसाइल
अग्नि 1 मिसाइल करीब 1000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है. इसमें परमाणु हथियारों के साथ साथ पारंपरिक विस्फोटक भी लगाए जा सकते हैं. यह क्षमता इसे युद्ध की अलग अलग परिस्थितियों में उपयोगी बनाती है. ठोस ईंधन तकनीक से कम समय में लॉन्च के लिए हो जाती है तैयार इस मिसाइल में ठोस प्रणोदक यानी सॉलिड फ्यूल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसकी वजह से अग्नि 1 को बहुत कम समय में लॉन्च के लिए तैयार किया जा सकता है. यही तकनीक इसे तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली मिसाइलों की श्रेणी में शामिल करती है.
12 मीटर लंबी और करीब 12 टन वजन वाली है अग्नि 1 मिसाइल
अगर इसके आकार और वजन की बात करें तो अग्नि 1 मिसाइल की लंबाई करीब 12 मीटर बताई जाती है. वहीं इसका वजन लगभग 12 टन है. अपनी मजबूत तकनीक और क्षमता के कारण यह भारत की रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा बन चुकी है.
सफल परीक्षण से भारत की रक्षा तैयारियों को मिली नई मजबूती
अग्नि 1 मिसाइल का यह सफल परीक्षण भारत की रक्षा शक्ति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे न सिर्फ देश की सामरिक ताकत मजबूत होगी बल्कि भारत की प्रतिरोधक क्षमता को भी नया बल मिलेगा. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह उपलब्धि भारत के बढ़ते कदमों को भी दर्शाती है.