Hazaribag News: हजारीबाग ट्रेजरी से अवैध वेतन निकासी मामले में आरोपी सौरभ कुमार सिंह को राहत नहीं मिली है। सीआईडी की विशेष अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने 20 जुलाई को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। सौरभ कुमार सिंह को सीआईडी ने 4 मई 2026 को गिरफ्तार किया था और 48 घंटे की पूछताछ के बाद 6 मई को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तब से वह जेल में बंद है।
फर्जी आईडी से करोड़ों की निकासी
इस मामले में सीआईडी ने शंभु कुमार, उसकी पत्नी काजल कुमारी, आरक्षी रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, उसकी पत्नी खुशबू कुमारी, रिश्तेदार सौरभ कुमार सिंह और आरक्षी धीरेंद्र सिंह समेत कई आरोपियों के खिलाफ जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच फर्जी टेंपररी आईडी बनाकर पुलिसकर्मियों के वेतन मद से अवैध निकासी की गई।
29 करोड़ के लेनदेन की जांच, 1.60 करोड़ फ्रीज
सीआईडी की जांच में अब तक सामने आया है कि 24 बैंक खातों में करीब 29 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। जिन खातों में राशि भेजी गई, उनके खाताधारकों की भूमिका और जानकारी की भी जांच जारी है। एजेंसी अब तक 1.60 करोड़ रुपये फ्रीज करा चुकी है। वहीं, हजारीबाग ट्रेज़री से अवैध वेतन निकासी का मूल मामला करीब 15 करोड़ रुपये से जुड़ा बताया जा रहा है।