National News: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान कराया जा रहा है. मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोग बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंच रहे हैं. चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत किया है ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराया जा सके. दरअसल, फलता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण के दौरान मतदान हुआ था, लेकिन चुनाव के दौरान EVM से छेड़छाड़ और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था. यही वजह है कि इस बार पूरे इलाके में सुरक्षा और निगरानी को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं.
सुबह से मतदान केंद्रों पर दिखी लंबी कतारें, 11 बजे तक 43 प्रतिशत मतदान
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार सुबह 9 बजे तक करीब 20.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि सुबह 11 बजे तक वोटिंग का आंकड़ा बढ़कर लगभग 43 प्रतिशत तक पहुंच गया. मतदान केंद्रों पर मतदाता लगातार पहुंच रहे हैं और पूरे इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं. अधिकारियों के मुताबिक इस पुनर्मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कुल 35 कंपनियां तैनात की गई हैं. हर बूथ पर आठ जवानों को सुरक्षा में लगाया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके. इसके अलावा 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगी.
मतदाताओं ने कहा अब डर नहीं लगता, पहले बूथ तक आने नहीं दिया जाता था
मतदान के दौरान कई मतदाताओं ने बदले हुए माहौल को लेकर खुशी जताई. एक मतदाता ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि इस बार का माहौल पहले के मुकाबले पूरी तरह अलग है. उन्होंने कहा कि 15 साल पहले वोट डालने में डर लगता था और बूथ तक पहुंचने भी नहीं दिया जाता था. उनके मुताबिक उस समय गुंडे गेट पर ही लोगों को रोक देते थे, लेकिन अब लोग बिना डर के मतदान कर पा रहे हैं और यह देखकर उन्हें खुशी हो रही है.
BJP उम्मीदवार ने कहा उत्सव जैसा माहौल, TMC प्रत्याशी पर भी साधा निशाना
फलता विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने दावा किया कि इलाके में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल है और लोग उत्साह के साथ मतदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी नहीं है और पूरा माहौल उत्सव जैसा दिखाई दे रहा है. देबांग्शु पांडा ने TMC प्रत्याशी जहांगीर खान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले ही हार का अंदेशा हो गया था, इसलिए उन्होंने चुनाव से दूरी बना ली. BJP उम्मीदवार ने दावा किया कि उनकी पार्टी भारी अंतर से जीत दर्ज करेगी.
पुनर्मतदान से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने छोड़ा चुनाव मैदान
पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था. चुनाव प्रचार के आखिरी दिन उन्होंने कहा था कि वह अब यह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. हालांकि, नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख निकल जाने की वजह से उनका नाम और चुनाव चिह्न EVM पर बना रहा. यानी मतदाता मशीन पर उनका नाम देख सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वह चुनावी मुकाबले से बाहर हो चुके हैं. फलता सीट पर BJP के देबांग्शु पांडा, CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला भी चुनाव मैदान में हैं.
जहांगीर खान ने विकास पैकेज का हवाला देकर लिया फैसला
जहांगीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है और इसी वजह से उन्होंने चुनाव से पीछे हटने का फैसला लिया है. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व या अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर लिया गया था या नहीं. वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहांगीर खान इसलिए चुनाव से भाग गए क्योंकि उन्हें पोलिंग एजेंट तक नहीं मिल रहे थे.
2.36 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक दक्षिण 24 परगना जिले की इस विधानसभा सीट पर कुल 285 बूथ बनाए गए हैं. यहां 2.36 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें करीब 1.15 लाख महिला मतदाता और नौ तीसरे लिंग के मतदाता भी शामिल हैं. मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ.
EVM और वेब कैमरा फुटेज में छेड़छाड़ के आरोप के बाद हुआ पुनर्मतदान
फलता विधानसभा क्षेत्र में विवाद तब बढ़ा जब कई बूथों से EVM के साथ कथित छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आईं. आरोप लगाया गया कि मशीनों पर परफ्यूम जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप का इस्तेमाल किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग के पूर्व विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने इलाके का दौरा कर जांच की. जांच के दौरान करीब 60 बूथों पर कथित गड़बड़ी और छेड़छाड़ के संकेत मिले थे. इसके अलावा कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिशों की बात सामने आई. इसके बाद बूथ स्तर के अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. इन्हीं आरोपों और जांच रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने फलता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किया जा सके.