Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के दलमा स्थित माकुलाकोचा में तीन दिवसीय अभिप्राय राष्ट्रीय कला कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत झारखंड जैव विविधता बोर्ड और एलीफेंट प्रोजेक्ट जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में 15 से 17 मई तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कला के माध्यम से पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
40 कलाकारों ने कैनवास पर उकेरी प्रकृति की पुकार
कार्यशाला में झारखंड और पश्चिम बंगाल के करीब 40 कलाकारों ने भाग लिया। कलाकारों ने प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण, हाथियों की सुरक्षा और जल संरक्षण जैसे विषयों पर आकर्षक पेंटिंग बनाई। रंगों और रेखाओं के जरिए कलाकारों ने “जंगल बचाओ, हाथी बचाओ, जल बचाओ” का प्रभावी संदेश दिया।
डीएफओ ने सराही कलाकारों की सोच और संवेदना
कार्यक्रम के समापन अवसर पर दलमा के डीएफओ सवा आलम अंसारी ने कलाकारों की कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से उनके चित्रों के पीछे छिपे संदेश को समझा और उनकी सराहना की। डीएफओ ने कहा कि कला समाज में जागरूकता फैलाने का बेहद सशक्त माध्यम है और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषय को लोगों तक पहुंचाने में पेंटिंग अहम भूमिका निभाती है।
कलाकार सिर्फ रंग नहीं, प्रकृति का दर्द भी महसूस करता है
आर्ट विशेषज्ञ सुबेदू विश्वास ने कहा कि जब कोई कलाकार जंगल में बैठकर पेंटिंग बनाता है, तो वह केवल रंग नहीं भरता बल्कि प्रकृति का दर्द भी महसूस करता है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई, हाथियों का भटकना और नदियों का सूखना कलाकार की संवेदनाओं को झकझोरता है, जो उसकी कला में साफ दिखाई देता है।
प्रमाण पत्र देकर सम्मानित हुए प्रतिभागी
कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करते है। इस सफल आयोजन से कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।