Ranchi: रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर विकास कुमार की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मूल रूप से पटना के रहने वाले विकास, रांची की पोराबादी शाखा में कार्यरत थे और अपनी पत्नी शिवानी शंकर के साथ बुद्ध विहार रोड में रहते थे। परिजनों का आरोप है कि विकास की मौत सामान्य आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश हो सकती है। उनके भाई विक्की कुमार ने अरगोड़ा थाने में औपचारिक आवेदन देकर हत्या की आशंका जताई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पत्नी के साथ तनावपूर्ण संबंध और धमकियों का आरोप
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विकास और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से संबंध ठीक नहीं चल रहे थे। विकास अक्सर अपने परिवार को फोन पर बताते थे कि उनके बीच काफी विवाद होता है और उनकी पत्नी उन्हें बार-बार झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी। इस मानसिक तनाव के बीच 10 मई की शाम परिवार को अचानक सूचना मिली कि विकास ने फांसी लगा ली है और उन्हें गंभीर अवस्था में पारस अस्पताल ले जाया गया है, जहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
शव पर मिले संदिग्ध निशान और नीली स्याही की गुत्थी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब परिजनों ने शव पर मौजूद निशानों को देखा। परिजनों का दावा है कि विकास के गले पर फांसी लगाने का कोई स्पष्ट निशान मौजूद नहीं था, जो आमतौर पर ऐसे मामलों में देखा जाता है। इसके विपरीत, उनके शरीर का रंग काला पड़ चुका था और उनके बाएं हाथ के अंगूठे पर गहरे नीले रंग की स्याही के निशान पाए गए। परिजनों को संदेह है कि विकास की मौत के पहले या बाद में उनसे किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज या कोरे कागज पर जबरन अंगूठे का निशान लिया गया है, जो इस पूरी घटना को और अधिक संदिग्ध बनाता है।
पत्नी की गुमशुदगी और पुलिसिया जांच की दिशा
घटना के बाद से ही विकास की पत्नी शिवानी शंकर के घर से फरार होने की खबर है, जिससे शक की सुई उनकी ओर घूम गई है। परिजनों का सवाल है कि यदि यह साधारण आत्महत्या थी, तो पत्नी मौके से क्यों गायब हो गई? फिलहाल अरगोड़ा थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने और पत्नी की तलाश में जुटी है ताकि घटना की रात की पूरी सच्चाई सामने आ सके।