BREAKING: टेंडर कमीशन घोटाला मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम आज बिरसा मुंडा जेल से बाहर आएंगे. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने बेल बॉन्ड की राशि जमा होने के बाद उनका रिलीज ऑर्डर जारी कर दिया है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को निचली अदालत में सभी न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं.
पत्नी बनीं जमानतदार, भरा गया मुचलका
अदालत में आलमगीर आलम के अधिवक्ता ने 1 लाख रुपये के दो निजी मुचलके दाखिल किए. इस मामले में उनकी पत्नी और विधायक निसात आलम बेलर बनी हैं. कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद अदालत ने नियमित जमानत का आदेश जारी किया. अब जेल प्रशासन की औपचारिकताएं पूरी होते ही उन्हें रिहा कर दिया जाएगा.
मई 2024 में हुई थी गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय ने आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था. वह पिछले काफी समय से न्यायिक हिरासत में थे. गिरफ्तारी से पहले विभाग ने उनके ओएसडी संजीव लाल और अन्य करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी. जांच में ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में कमीशन वसूली का मामला सामने आया था.
करोड़ों रुपये की नकदी हुई थी बरामद
इस मामले में हुई छापेमारी के दौरान ओएसडी के सहयोगी के ठिकाने से 32 करोड़ रुपये से अधिक नकद मिले थे. इसके अलावा अन्य ठेकेदारों और करीबियों के पास से भी करोड़ों रुपये बरामद किए गए थे. ईडी ने इस पूरी धनराशि को टेंडर प्रक्रिया में लिए गए कमीशन से जुड़ा बताया था. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब पूर्व मंत्री को शीर्ष अदालत से बड़ी राहत मिली है.