Jamshedpur: राज्य सरकार के निर्देश पर कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा लागू किए गए क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने उपायुक्त कार्यालय के गेट पर धरना देकर इस व्यवस्था का विरोध किया। छात्रों का कहना है कि यह सिस्टम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बजाय उन्हें पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर कर रहा है।
वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई बंद
छात्र नेताओं ने बताया कि क्लस्टर सिस्टम लागू होने के बाद जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस विषयों की पढ़ाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब इन विषयों के छात्रों को एलबीएसएम कॉलेज और को-ऑपरेटिव कॉलेज भेजा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि कदमा और मानगो क्षेत्र की करीब ढाई से तीन लाख आबादी के बीच वर्कर्स कॉलेज ही एकमात्र सरकारी महाविद्यालय है, जहां मध्यमवर्गीय और ग्रामीण गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। ऐसे में अचानक कॉलेज बदलने का फैसला उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
“एक डिग्री में तीन कॉलेज का नाम, जवाब कौन देगा?”
धरने में शामिल छात्रों ने सवाल उठाया कि एक-दो साल तक वर्कर्स कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद अब दूसरे कॉलेज में भेजा जा रहा है। इससे उनकी मार्कशीट और डिग्री में अलग-अलग कॉलेजों का नाम आएगा। छात्रों को डर है कि भविष्य में नौकरी के दौरान एचआर विभाग इसे फर्जीवाड़ा समझ सकता है।
छात्रों ने कहा, “पहले वर्कर्स कॉलेज में पढ़ो, फिर एलबीएसएम भेज दो, उसके बाद को-ऑपरेटिव कॉलेज। आखिर एक डिग्री में तीन कॉलेज का नाम क्यों होगा? इसका जवाब कुलपति देंगे या राज्य सरकार?”
गरीब छात्रों पर बढ़ा आर्थिक और मानसिक दबाव
छात्रों का आरोप है कि क्लस्टर सिस्टम के कारण गरीब छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई छात्रों को अब 8 से 10 किलोमीटर दूर दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ रहा है। ऐसे में रोजाना बस किराया और समय दोनों बड़ी समस्या बन गए हैं।
छात्रों ने कहा कि “क्लस्टर सिस्टम का मतलब संसाधनों का बेहतर उपयोग और सुविधा बढ़ाना होना चाहिए था, लेकिन यहां इसका मतलब कॉलेज में पढ़ाई बंद करना बन गया है।”
“छात्र हित में नहीं लिया गया फैसला”
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन कभी केंद्र सरकार तो कभी राज्य सरकार का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है। छात्रों के मुताबिक बिना तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्था के की गई शिफ्टिंग से कई विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं। छात्रों ने मांग की कि वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई तत्काल बहाल की जाए और क्लस्टर सिस्टम को छात्र हित को ध्यान में रखकर लागू किया जाए।