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  • 2026-05-11

Jharkhand Big Breaking: सुप्रीम कोर्ट से आलमगीर आलम और संजीव लाल को जमानत, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली राहत

Jharkhand Big Breaking: ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और कमीशनखोरी मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पूर्व आप्त सचिव संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ में हुई.

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कहा कि मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर कथित कमीशनखोरी से जुड़ा है. ईडी ने यह भी दलील दी कि अब तक सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं और आरोपियों को जमानत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है.

वहीं बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि आलमगीर आलम की उम्र 77 वर्ष है और वे लंबे समय से जेल में बंद हैं. उनके वकीलों ने यह भी कहा कि जांच के दौरान उनके पास से कोई नकद राशि या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई थी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम Court ने आलमगीर आलम और संजीव लाल को जमानत देने का आदेश पारित किया.

इससे पहले 2 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई में ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ट्रायल कोर्ट में चार अहम गवाहों के बयान अभी बाकी हैं. एजेंसी ने आशंका जताई थी कि जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एक महीने के भीतर चारों गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था. इनमें मुन्ना सिंह, संतोष कुमार उर्फ रिंकू, स्वर्णजीत सिंह गिल और बिंदेश्वर राम शामिल थे.

गौरतलब है कि ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग में कथित कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत 6 मई 2024 को कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान जहांगीर आलम के ठिकाने से 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे. वहीं संजीव लाल के घर से 10.05 लाख रुपये नकद और कथित लेनदेन से जुड़ी डायरी बरामद हुई थी.

छापेमारी के बाद ईडी ने 7 मई 2024 को संजीव लाल और जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया था. इसके बाद तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम से पूछताछ की गई और 15 मई 2024 को उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया था.

जांच एजेंसी अब तक संजीव लाल की 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है. जहांगीर आलम के यहां से बरामद 32.20 करोड़ रुपये भी जब्त किए जा चुके हैं. वहीं मामले में तत्कालीन मुख्य अभियंता विरेंद्र राम की करीब 39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त होने की जानकारी सामने आई है.
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