Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-07

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में फंसा सत्ता का गणित, सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी विजय की टीवीके बहुमत से दूर, राज्यपाल के फैसले पर बढ़ी चर्चा

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम यानी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया. टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों का बहुमत हासिल नहीं कर सकी. चुनाव में डीएमके गठबंधन के साथ उतरी कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं. चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया. इसके साथ ही डीएमके और कांग्रेस का लंबे समय पुराना गठबंधन भी टूट गया. हालांकि कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद भी टीवीके बहुमत के आंकड़े से पीछे बनी हुई है.
सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में लगी टीवीके, राज्यपाल ने अभी नहीं दिया न्योता
टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को तमिलनाडु के कार्यवाहक राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. लेकिन अब तक राज्यपाल की ओर से सरकार गठन का औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया गया है. इसी को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं. टीवीके को समर्थन देने के संकेत वाम दलों और अन्य पार्टियों की ओर से भी मिले हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी और सीपीआई के पास दो दो सीटें हैं. वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी रचनात्मक समर्थन की बात कही है. अगर इन दलों का समर्थन टीवीके को मिलता है, तो गठबंधन की संख्या 119 तक पहुंच सकती है, जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा होगी.

हालांकि राजनीतिक गणित अभी पूरी तरह आसान नहीं है, विजय ने दो सीटों तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेरांबुर से चुनाव जीता है. चुनाव आयोग के नियमों के तहत उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. इससे टीवीके की संख्या 107 रह जाएगी. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद स्पीकर विश्वास मत में मतदान नहीं करता, ऐसे में प्रभावी संख्या घटकर 106 हो जाएगी. इसी वजह से पार्टी को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी.

एआईएडीएमके के भीतर भी हलचल, लेकिन समर्थन की खबरों से इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एआईएडीएमके के कुछ विधायकों को पुडुचेरी के एक निजी होटल में ठहराया गया है और पार्टी के भीतर टीवीके को समर्थन देने को लेकर चर्चा चल रही है. हालांकि एआईएडीएमके नेता और पूर्व मंत्री केपी मुनुस्वामी ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में पार्टी ने टीवीके को समर्थन नहीं दिया है.

संविधान क्या कहता है, राज्यपाल की भूमिका पर विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तब सरकार गठन में राज्यपाल की भूमिका अहम हो जाती है. सेवानिवृत्त न्यायाधीश हरिपरंथमन के मुताबिक राज्यपाल किसी पार्टी से समर्थन का आंकड़ा दिखाने को कह सकते हैं, लेकिन शपथ ग्रहण से पहले पूर्ण बहुमत साबित करने की शर्त नहीं रख सकते. उनका कहना है कि असली बहुमत परीक्षण विधानसभा के फ्लोर पर होता है. सुप्रीम कोर्ट के वकील करपका विनायगम ने कहा कि अगर राज्यपाल को दावेदार पार्टी पर भरोसा होता है, तो वह सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा को लंबे समय तक बिना सरकार के नहीं रखा जा सकता, इसलिए राज्यपाल को जल्द फैसला लेना होगा. अब तमिलनाडु की राजनीति में नजरें राज्यपाल के अगले कदम और टीवीके के समर्थन जुटाने की कोशिशों पर टिकी हुई हैं.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !