Ranchi News : झारखण्ड में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब राज्य में वृद्ध, विधवा और अन्य पेंशनधारियों को पेंशन का लाभ लेने के लिए अनिवार्य रूप से सत्यापन कराना होगा। बिना सत्यापन के पेंशन भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है।
सत्यापन नहीं कराया तो रुकेगी पेंशन
सरकारी निर्देश के अनुसार, सभी लाभुकों को अपनी पहचान और जीवित होने का प्रमाण देना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में अपात्र लोगों या मृत व्यक्तियों के नाम पर भी पेंशन जारी रहने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
झारखंड में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन दी जाती है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
अभियान चलाकर होगा सत्यापन, लाभुकों से अपील
प्रशासन की ओर से जल्द ही विशेष अभियान चलाकर सभी लाभुकों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर कैंप भी लगाए जा सकते हैं, ताकि बुजुर्गों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अधिकारियों ने लाभुकों से अपील की है कि वे समय पर अपना सत्यापन पूरा कर लें, ताकि पेंशन भुगतान में किसी तरह की बाधा न आए। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और सही लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित होगा।