Jamshedpur: उपायुक्त राजीव रंजन ने शहर के सदर अस्पताल का अचानक औचक निरीक्षण कर पूरे स्वास्थ्य तंत्र को चौकन्ना कर दिया। उनके इस अचानक दौरे से अस्पताल परिसर में मौजूद डॉक्टरों, कर्मियों और अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई। उपायुक्त ने बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और खुद अपनी आंखों से स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझने की कोशिश की। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे और निरीक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी देते रहे।
ओपीडी से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक हर व्यवस्था की जांच
अस्पताल पहुंचने के बाद उपायुक्त ने सबसे पहले अलग-अलग विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, एक्स-रे रूम, नवजात शिशुओं के लिए बने एनआईसीयू, बच्चों के गहन चिकित्सा कक्ष पीआईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की स्थिति को ध्यानपूर्वक देखा। इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों के लिए बने प्रतीक्षालय, वाशरूम, किचन और डॉक्टरों के कक्षों का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली और साफ शब्दों में कहा कि मरीजों को समय पर, सुगम और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इमरजेंसी में भीड़ देख अतिरिक्त काउंटर खोलने के निर्देश
जब उपायुक्त इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, तो वहां मरीजों की लंबी कतार और भीड़ को देखकर उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। मरीजों को पंजीकरण में हो रही परेशानी को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि तुरंत अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जाएं, ताकि लोगों को इलाज के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इमरजेंसी सेवाओं में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर मरीज को त्वरित राहत मिलनी चाहिए।
मरीजों से बातचीत, ब्लड बैंक और कैंटीन की भी जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने केवल व्यवस्थाएं ही नहीं देखीं, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उनका अनुभव भी जाना। उन्होंने इलाज, सुविधाओं और स्टाफ के व्यवहार को लेकर फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने ब्लड बैंक का निरीक्षण कर वहां रक्त की उपलब्धता और उसकी सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की तथा इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल की कैंटीन में जाकर साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता को भी परखा और जरूरी सुधार के निर्देश दिए।
कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश, लापरवाही पर सख्ती
निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने अस्पताल की समग्र व्यवस्था को संतोषजनक तो बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए, अन्यथा संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।