Kolkata DCP Lookout Notice: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी को अंदेशा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे विदेश भाग सकते हैं, जिसके बाद हवाई अड्डों और अन्य निकास द्वारों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. ईडी सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले उन्हें पूछताछ के लिए पांच बार समन भेजा गया था, लेकिन वे एक बार भी जांच टीम के सामने पेश नहीं हुए.
सोनू पप्पू सिंडिकेट और PMLA जांच से जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में सक्रिय सोनू पप्पू सिंडिकेट से जुड़े धन शोधन (PMLA) मामले की जांच के तहत की गई है. ईडी इस मामले में कोलकाता के कई ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है. शांतनु सिन्हा एक समय कालीघाट पुलिस स्टेशन के इंचार्ज थे, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. जांचकर्ताओं का मानना है कि पुलिस अधिकारी की इस सिंडिकेट के साथ संलिप्तता हो सकती है.
कौन है सोनू पप्पू और क्या है विवाद?
सोनू पप्पू का नाम फरवरी में गोलपार्क इलाके में हुई हिंसक झड़प के बाद प्रमुखता से उभरा, जहां बमबारी और गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं. स्थानीय लोगों के अनुसार, पप्पू ने इलाके में वर्चस्व बनाए रखने के लिए अपने समर्थकों के साथ हमला किया था. वर्ष 2010-11 से कंस्ट्रक्शन व्यवसाय में सक्रिय पप्पू का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी हत्या व रेल यार्ड पर कब्जे की कोशिश जैसे मामलों में गिरफ्तार हो चुका है.
मुख्यमंत्री के करीबी होने के कारण चर्चा में
DCP शांतनु सिन्हा को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है. हाल ही में उन्हें ममता सरकार के एक धरने के दौरान मंच पर भी देखा गया था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ था. हालांकि, उस समय कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया था कि उनकी मौजूदगी मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थी. अब ईडी की इस सख्त कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है.